Monday, November 5, 2018

कश्मीरी छात्र के आईएस में शामिल होने की ख़बर पर मां-बाप हैरान: ग्राउंड रिपोर्ट

शुक्रवार की रात सोशल मीडिया पर छह मिनट का एक ऑडियो और एक तस्वीर वायरल हो गई.

इस तस्वीर में एक लड़का दिख रहा था. उसके जिस्म पर हथियार और बारूद बंधा हुआ था. बैकग्राउंड में कथित इस्लामिक स्टेट यानी आईएस का झंडा दिख रहा था.

वायरल हुई ये तस्वीर 19 बरस के एहतेशाम बिलाल की है. तस्वीर में उनके सिर पर काली पगड़ी बंधी है, जैसा कि कथित इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों के सिर पर दिखा करता है.

तस्वीर में पीछे जो झंडा दिख रहा है उस पर ISJK लिखा दिख रहा है.

इस तस्वीर पर एहतेशाम बिलाल लिखा हुआ है.

छह मिनट का जो ऑडियो वायरल हुआ वो उर्दू में है.

इस ऑडियो में एहतेशाम कश्मीर में इस्लामी हुकूमत कायम करने की बात करते हैं. साथ ही वो कुरान की कुछ आयतें भी पढ़ते हैं.

कौन हैं एहतेशाम?

भारत प्रशासित कश्मीर के खानयार इलाके के रहने वाले एहतेशाम बिलाल दिल्ली से सटे नोएडा की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में बीएमआईटी के छात्र हैं.

उनके पिता बिलाल अहमद सोफी की एहतेशाम से आखिरी बार 28 अक्तूबर 2018 को तब बात हुई थी जब एहतेशाम नोएडा में अपनी यूनिवर्सिटी से दिल्ली के लिए निकले थे. उसके बाद से उनका घरवालों से कोई संपर्क नहीं है.

बीती 4 अक्तूबर को यूनिवर्सिटी कैंपस में कुछ छात्रों ने यूनिवर्सिटी के कुछ अन्य छात्रों को कथित रूप से पीटा था जिसमें एहतेशाम भी घायल हो गए थे.

सदमे में हैं एहतेशाम के माता-पिता

एहतेशाम के गायब होने के बाद से उनकी मां इरफ़ाना बहुत बीमार हैं. दो दिन पहले जब वो श्रीनगर के प्रेस एनक्लेव में अपने परिवार के साथ प्रदर्शन करने आईं थीं तो उनके बाजू में ग्लूकोज़ की बोतल लगी थी. पिता बिलाल अहमद का भी तब से बुरा हाल है.

बिलाल अहमद पेशे से एक दुकानदार हैं. खानयार इलाके में उनकी अपनी दुकान है.

हालांकि एहतेशाम के पिता और मां वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनकी ख़ैर-ख़बर नहीं होने से बेहद परेशान हैं. उनका ये भी कहना है कि अगर एहतेशाम चरमपंथियों के साथ चला भी गया है तो हम उनसे अपील करते हैं कि वो घर वापस आ जाएं और सभी चरमपंथी संगठनों से अपील करते हैं कि उन्हें घर आने दिया जाए.

एहतेशाम की मां इरफ़ाना कहती हैं, "वो मेरे बेटे की आवाज़ नहीं है. क्या मैं नहीं जानती हूं कि मेरे बेटे की आवाज़ कैसी है. एहतेशाम जहां भी है, जिसके पास भी है, मैं सभी संगठनों से अपील करती हूं कि उसको छोड़ दिया जाए."

ये कहते-कहते वो रोने लगती हैं और फिर बोलती हैं, "एहतेशाम हमारे पूरे परिवार का इकलौता लड़का है. अगर वो वापस नहींआएगा, फिर हमारी देख-रेख कौन करेगा. मैं हाथ जोड़ कर माफ़ी मांगती हूं... मेरे बेटे को छोड़ा जाए."

माता-पिता ने चरमपंथियों से की अपील
रोती बिलखती इरफ़ाना आगे कहती हैं, "मैं एहतेशाम से भी कहती हूं कि अगर मुझसे कोई ग़लती हो गई है तो मुझे माफ़ करो. एहतेशाम तुम लौट के वापस आ जाओ. हम सब तो जैसे मर ही गए हैं. अगर उसको कुछ हुआ तो यहां घर में कोई नहीं बच सकेगा. जिनके पास भी एहतेशाम है, वो एहतेशाम के साथ हमारे पास आए और हम सबको मार डालें और फिर वो फ़ैसला करें कि एहतेशाम के साथ क्या कर सकते हैं. मैं सबसे अपील करती हूं कि एहतेशाम को सुरक्षित घर वापस भेजें."

एहतेशाम के पिता बिलाल अहमद कहते हैं कि जिस क़िस्म की उर्दू ऑडियो क्लिप में है, वैसी उर्दू एहतेशाम नहीं बोल पाता है.

उन्होंने कहा, "नहीं, मुझे नहीं लगता है कि ये एहतेशाम का ऑडियो है. जैसे वो ऑडियो में बोल रहा है, वैसे तो एक स्कॉलर ही बोल सकता है या कोई मंझा हुआ सियासतदान. वो तो छोटा सा बच्चा है और ये इतनी लंबी स्पीच है, मुझे नहीं लगता कि ये एहतेशाम है."

बिलाल अहमद कहते हैं कि सोशल मीडिया कह रहा है कि मेरा बेटा चरमपंथी बन गया है, लेकिन मैं कहता हूं कि एहतेशाम का चरमपंथ की तरफ रुझान था ही नहीं.

बिलाल अहमद आगे कहते हैं, "खुदा करे, अगर एहतेशाम चरमपंथी बन भी गया है तो मैं आपके माध्यम से जिस किसी संगठन के पास भी वो है, उनसे अपील करता हूं कि वो उसको वापस भेजें. हम चार भाई हैं और हम चार भाइयों का ये एक ही लड़का है, चार माओं का एक ही लड़का है. हमारी हालात बहुत ख़राब है. मां भी तब से बीमार है, मैं भी बीमार हूं."

No comments:

Post a Comment